Saturday, 17 November 2018, 8:17 AM

उपदेश

अस्तीन में साँप पालें ही क्यों साँच कहै ता...

Updated on 22 September, 2017, 12:56
रोहिंग्या मुसलमानों का मसला कई दिनों से चित्त को मथे हुए है। टीवी चैनल्स में कल बंगाल के एक मौलवी देश को चीख चीख कर चैलेंज दे रहे थे कि हिम्मत हो तो कोई इन्हें यहां से निकाल कर दिखाए। सियासी दलों के नुमाइंदों की नोकझोंक भी कानों में घुसी।... आगे पढ़े

सकारात्मक सोच के जादू से जीवन बनेगा खुशहाल, आजमा कर देखें

Updated on 17 September, 2017, 7:30
एक आदमी समुद्र तट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुक कर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फैंक दिया। उसके नजदीक पहुंचने पर आदमी ने उससे पूछा, ‘‘और भाई, क्या कर रहे हो?’’ युवक ने जवाब दिया, ‘‘मैं इन... आगे पढ़े

भगवान बुद्ध के अनुसार चार प्रकार के मनुष्य होते हैं, आप किस श्रेणी में आते हैं

Updated on 16 September, 2017, 7:15
प्रवचन के उपरांत एक जिज्ञासु राजा ने भगवान बुद्ध से प्रश्र किया, ‘‘महाराज, आपने अभी-अभी कहा कि मनुष्य चार प्रकार के होते हैं। कृपया समझाइए।’’ भगवान बुद्ध ने उत्तर दिया, ‘‘मनुष्य चार प्रकार के होते हैं- एक तिमिर से तिमिर में जाने वाला, दूसरा तिमिर से ज्योति की ओर जाने वाला,... आगे पढ़े

अब चड्ढी पहन के फूल नहीं खिलते

Updated on 13 September, 2017, 12:18
........जंगल जंगल बात चली है पता चला है, अरे चड्ढी पहनके फूल खिला है,फूल खिला है।                               ..    महाकवि गुलजार हम लोग के जमाने का बचपन क्या मस्त था। न पीठ पर बस्ते का बोझा, न सबक का टेंशन, न ट्यूशन की भागमभाग। माँ-बाप सबकुछ भगवान और स्कूल के मास्साब पर छोड़़ देते... आगे पढ़े

कुछ इस तरह तय होता है किसी भी व्यक्ति का भविष्य

Updated on 12 September, 2017, 5:45
किसी गांव में 2 साधु रहते थे। वे दिन भर भीख मांगते और मंदिर में पूजा करते थे। एक दिन गांव में आंधी आ गई और बहुत जोरों की बारिश होने लगी। दोनों साधु गांव की सीमा से लगी एक झोंपड़ी में निवास करते थे। शाम को जब दोनों वापस... आगे पढ़े

हमेशा भगवान का नाम लेने पर भी मन में आते हैं कुविचार, जानें क्यों होता है ऐसा

Updated on 7 September, 2017, 0:45
एक बार स्वामी रामकृष्ण से एक साधक ने पूछा, ‘‘मैं हमेशा भगवान का नाम लेता रहता हूं, भजन-कीर्तन करता हूं, ध्यान लगाता हूं, फिर भी मेरे मन में कुविचार क्यों उठते हैं?’’ यह सुनकर स्वामी जी मुस्कुराए। उन्होंने साधक को समझाने के लिए एक किस्सा सुनाया। एक आदमी ने एक कुत्ता... आगे पढ़े

बुरा काम करने से पहले पढ़े ये कथा, बदल जाएगा नजरिया

Updated on 5 September, 2017, 3:45
संसार का हर जीव-जंतु एक विशिष्ट उपकरण की निगरानी में है। जिस तरह आजकल सी.सी.टी.वी. कैमरे लगे होते हैं और हमारी हर प्रक्रिया उसमें कैद हो जाती है, उसी तरह हमारा हर कर्म भी एक जगह सुरक्षित है। हमारा अवचेतन मन वह सजीव उपकरण है जिस चिप में हमारे हर... आगे पढ़े

गरुड़ पुराण की इन बातों पर करें अमल, इनमें है सफलता का अचूक मंत्र

Updated on 29 August, 2017, 5:25
गरुड़ पुराण में स्वर्ग, नरक, पाप-पुण्य के अलावा ज्ञान, विज्ञान, नीति, नियम और धर्म की भी बातें हैं। गरुड़ पुराण में एक ओर जहां मौत का रहस्य है तो दूसरी ओर जीवन का रहस्य भी छिपा हुआ है। गरुड़ पुराण से हमें कई तरह की शिक्षाएं मिलती है। गरुड़ पुराण... आगे पढ़े

जादुई तावीज, जिसके आगे कठिनाइयां और बाधाएं उडऩ-छू हो जाती हैं

Updated on 7 August, 2017, 6:45
हर व्यक्ति सफल होना चाहता है। सफलता भाग्य की फसल और पुरुषार्थ की निष्पत्ति है, जो हर किसी को नसीब नहीं होती। यह सतत् जागरूकता, जीवन के प्रति सकारात्मकता एवं अच्छाई की ग्रहणशीलता से संभव है। कुछ अलग पहचान बनाने या सफलता को हासिल करने के लिए जीवन में ग्रहणशीलता... आगे पढ़े

खुद में यह आदत पाल कर कहीं आप भी तो नहीं कर रहे अपना जीवन नष्ट

Updated on 6 August, 2017, 8:05
हममें से ज्यादातर लोग कंफर्ट जोन में रहना पसंद करते हैं क्योंकि यहां उन्हें आराम और सुरक्षा का अहसास होता है। मगर कंफर्ट जोन कोई हकीकत नहीं है, बल्कि यह तो हमारी मनोवैज्ञानिक स्थिति है। उदाहरण के लिए जब कोई कर्मचारी एक ही संस्थान में लंबे समय तक रहता है... आगे पढ़े

आप भी हैं नॉन वेज के शौकीन, ये कथा बदल देगी आपका जीवन

Updated on 4 August, 2017, 7:47
एक राजा शिकार का बड़ा प्रेमी था। जब वह शिकार के लिए जाता था तो चारों ओर हाहाकार मच जाता था। वन के सभी जीव बहुत दुखी थे। उन जीवों में एक उदार और मृदुभाषी मृगभी था। वह वन के जीवों के दुख से बहुत दुखी था। वह सोचता था,... आगे पढ़े

नजरिए पर निर्भर करता है व्यक्ति का परेशानी में फंसना अौर निकलना

Updated on 8 July, 2017, 7:51
एक शहर में एक धनी व्यक्ति रहता था। उसके पास बहुत पैसा था और उसे इस बात पर बहुत घमंड भी था। एक बार किसी कारण से उसकी आंखों में इन्फैक्शन हो गया। आंखों में बुरी तरह जलन होती थी। वह डॉक्टर के पास गया लेकिन डॉक्टर उसकी इस बीमारी... आगे पढ़े

प्रेरणात्मक कहानी: अंधविश्वास कि आड़ में परम्पराओं को न पनपने दें

Updated on 6 July, 2017, 5:20
    एक महात्मा जी अपने कुछ शिष्यों के साथ जंगल में आश्रम बनाकर रहते थे। एक दिन बिल्ली का एक बच्चा रास्ता भटककर आश्रम में आ गया। महात्मा जी ने उस भूखे-प्यासे बच्चे को दूध-रोटी खिलाई। वह बच्चा वहीं आश्रम में रहकर पलने लगा लेकिन उसके आने के बाद महात्मा जी... आगे पढ़े

आपके हर दुख का कारण है ये Feeling, इसे करें अपने से दूर और हो जाएं Happy

Updated on 25 June, 2017, 1:05
जिस व्यक्ति के विचार उसके अनुकूल हैं, वह सभी प्रकार के लोगों, परिस्थितियों और भाग्य को अपने अनुकूल पाता है। इसके विपरीत जिस व्यक्ति के विचार प्रतिकूल होते हैं, उसे अपने चारों ओर शत्रु ही दिखाई पड़ते हैं। कहते हैं कि मनुष्य के विचार ही मनुष्य को सुखी और दुखी बनाते... आगे पढ़े

क्या आपके मन में पारिवारिक समस्याओं से जूझते हुए आता है आत्महत्या का विचार

Updated on 12 June, 2017, 7:00
एक व्यक्ति पारिवारिक समस्याओं से जूझते-जूझते निराश हो गया। गहरे अवसाद में उसने एक दिन आत्महत्या का विचार किया। रात को वह देर से घर आया और नींद की गोलियां खाकर सो गया। शायद गोलियां कम थीं, इसलिए वह मरने की बजाय गहरी नींद में चला गया। तभी उसे अपने... आगे पढ़े

हजारों सैनिक मारे गए थे महाभारत के युद्ध में, एक का भी नहीं मिला शव... जानिए क्यों

Updated on 9 June, 2017, 0:15
महाभारत के युद्ध में बहुत से शूरवीरों ने अपने प्राणों के आहुति दी थी। यह एक ऐसा युद्ध था जिसने कुरुक्षेत्र की धरती को रक्त-रंजित कर दिया था। इतना खून बहा था कि आज भी वहां की मिट्टी का रंग लाल है... ये कुछ ऐसे तथ्य हैं, जिनसे हर कोई... आगे पढ़े

सही समय पर समझिए ईश्वर के इशारे वर्ना झेलना पड़ सकता है नुक्सान

Updated on 27 May, 2017, 0:10
किसी गांव में एक भक्त रहते थे। लोगों का मानना था कि उन्हें ईश्वर ने दर्शन दिए हैं इसलिए गांव में उनकी बड़ी मान्यता थी। एक दिन गांव में बाढ़ आई। भक्त के चाहने वाले उन्हें बचाकर अपने साथ ले जाने के लिए उनके पास पहुंचे और कहा, ‘‘आप भी... आगे पढ़े

जब कोई व्यक्ति पराजित होने लगता है, उसमें दिखने लगता है ये लक्षण

Updated on 21 May, 2017, 2:10
बहुत समय पहले की बात है आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के बीच सोलह दिन तक लगातार शास्त्रार्थ चला। शास्त्रार्थ में निर्णायक थी-मंडन मिश्र की धर्म पत्नी देवी भारती। हार-जीत का निर्णय होना बाकी था, इसी बीच देवी भारती को किसी आवश्यक कार्य से कुछ समय के लिए बाहर जाना... आगे पढ़े

स्मृति-शेष श्री अनिल माधव दवे

Updated on 19 May, 2017, 12:28
बौद्धिक तेज से दमकता था उनका व्यक्तित्व -संजय द्विवेदी   केंद्रीय पर्यावरण मंत्री श्री अनिल माधव दवे,देश के उन चुनिंदा राजनेताओं में थे, जिनमें एक बौद्धिक गुरूत्वाकर्षण मौजूद था। उन्हें देखने, सुनने और सुनते रहने का मन होता था। पानी, पर्यावरण,नदी और राष्ट्र के भविष्य से जुड़े सवालों पर उनमें गहरी अंर्तदृष्टि... आगे पढ़े

राजकुमार सिद्धार्थ कैसे बनें महात्मा गौतम बुद्ध, जानने के लिए पढ़ें ये कथा

Updated on 11 May, 2017, 15:18
वैशाख पूर्णिमा का दिन बौद्ध धर्मावलम्बियों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि आज के ही दिन लगभग 563 ई. पूर्व में बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के राजा शुद्धोधन के यहां लुम्बिनी वन में हुआ था। महात्मा बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार कहा... आगे पढ़े

सक्सेस मंत्र: अहंकार आपको कभी आगे नहीं बढ़ने देता

Updated on 22 April, 2017, 8:58
एक मूर्तिकार अपने पुत्र को मूर्ति बनाने की कला में निपुण करना चाहता था। उसका पुत्र भी लगन और मेहनत से कुछ समय बाद बेहद खूबसूरत मूर्तियां बनाने लगा। उसकी आकर्षक मूर्तियों से लोग भी प्रभावित होने लगे। लेकिन उसका पिता उसकी बनाई मूर्तियों में कोई न कोई कमी बता... आगे पढ़े

अनपढ़ बुढ़िया की एक बात ने बदली दिशा, दुनिया में कमाया नाम

Updated on 21 April, 2017, 2:02
एक बार मशहूर खगोलशास्त्री अल ख्वारिज्मी गांव की सैर पर निकले। उस वक्त वह तारों को देख कर जीवन की गति बता दिया करते थे। तारों की गणना में उस वक्त उनका कोई मुकाबला नहीं था और चारों तरफ उनकी इस विद्या की चर्चा थी। रात में वह तारों से... आगे पढ़े

बिना सोचे समझे कभी कोई काम नहीं करना चाहिए

Updated on 20 April, 2017, 0:35
एक महिला एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार कर रही थी। उसने चिप्स का एक पैकेट खरीदा और एक जगह पर जा कर बैठ गई। उसने बैग से एक किताब निकाली और पढ़ना शुरु कर दिया। तब उसने देखा कि बगल में एक आदमी बैठा है। उसने उसके चिप्स के... आगे पढ़े

जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं तो करें महात्मा बुद्ध की इस सीख पर अमल

Updated on 8 April, 2017, 7:45
बात उस समय की है जब महात्मा बुद्ध विश्व भर में भ्रमण करते हुए बौद्ध धर्म का प्रचार कर रहे थे और लोगों को ज्ञान दे रहे थे। एक बार महात्मा बुद्ध अपने कुछ शिष्यों के साथ एक गांव में भ्रमण कर रहे थे। उन दिनों कोई वाहन नहीं हुआ... आगे पढ़े

संसार का कोई पुरूष नहीं चुका सकता ये कर्ज, क्या आप में है दम

Updated on 17 February, 2017, 1:03
पत्नी बार-बार मां पर इल्जाम लगाए जा रही थी और पति बार-बार उसको अपनी हद में रहने को कह रहा था लेकिन पत्नी चुप होने का नाम ही नहीं ले रही थी व चीख-चीख कर कह रही थी कि उसने अंगूठी टेबल पर ही रखी थी और तुम्हारे व मेरे... आगे पढ़े

डिंपल-अखिलेश के समाजवादी रथ पर सवार हुए राहुल और प्रियंका

Updated on 25 January, 2017, 15:04
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर इस समय नए चुनाव प्रचार रथ को तैयार किया जा रहा है. कांग्रेस से गठबंधन के बाद सपा के प्रचार रथ पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को भी जगह दी गई है. इस प्रचार रथ में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव... आगे पढ़े

चाणक्य: जीवन में इन पांच बातों को छुपाए रखना ही है अच्छा

Updated on 12 January, 2017, 1:04
कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान लोगों को कुछ बातों को कभी भी किसी के सामने नहीं लाना चाहिए। कहा जाता है कि अगर किसी के घर के ये बातें किसी के सामने आ जाएं तो उनका सिर्फ और सिर्फ मजाक उड़ाया जाता है। नीचे दिए गए चाणक्य... आगे पढ़े

इस गोरे सिख से सीखें पगड़ी और कृपाण का मतलब

Updated on 30 December, 2016, 15:09
वॉशिंगटन:अमरीकी नागरिक जेम्स एस.एरिक्सन ईसाई से सिख धर्म अपनाने वाले लोगों को इस धर्म के बारे में बाखूबी जानकारी देते है।दरअसल जेम्स ने 21 साल की उम्र में ही सिख धर्म स्वीकार कर लिया था और अब वह 67 साल के हो चुके है और लोग उन्हें सत हनुमान सिंह... आगे पढ़े

पुरुषों की कुछ इच्छाएं कभी परवान नहीं चढ़ती, जीवनकाल में कभी नहीं भोग सकते ये सुख

Updated on 17 November, 2016, 0:03
श्रीरामायण में श्रीहरि विष्णु के अवतार भगवान राम और उनके कुल का संपूर्ण जीवन वृतांत अंकित है। जिसमें विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से आम जनमानस के लिए बहुत सारे संदेश दिए गए हैं। जिन्हें अपनाकर जीवन में सुख और वैभव पाया जा सकता है। रामायण के अरण्य कांड में एक... आगे पढ़े

कुछ सीखें, कुछ भूलें और आगे बढ जाएं

Updated on 14 October, 2016, 21:51
नकारात्मक भावनाएं भूतकाल की वजह से हैं और आप अपने भूतकाल को अपने वर्तमान जीवन के अनुभव को नष्ट न करने दें। भूतकाल को क्षमा कर दें। यदि आप अपने बीते हुए समय को क्षमा नहीं कर पाएंगे तो आप का भविष्य दु:खपूर्ण हो जाएगा। हम अक्सर दूसरों को खुशी तथा... आगे पढ़े