भोपाल  । मध्य प्रदेश और आसपास बने वेदर सिस्टम से बादल छाए हुए हैं। साथ ही पूर्वी मध्यप्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो रही है। इससे फिलहाल प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान में कमी आई है। इससे भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि बादलों की मौजूदगी के कारण रात का तापमान बढ़ा हुआ है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 12 अप्रैल से मौसम साफ होने लगेगा। इससे अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगेगी, लेकिन न्यूनतम तापमान कम होने लगेगा।
मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक वर्तमान में विदर्भ से तमिलनाडू तक एक द्रोणिका लाइन (ट्रफ) बनी हुई है। दक्षिणी मध्यप्रदेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। साथ ही बिहार और उससे लगे पश्चिमी उत्तरप्रदेश पर एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इसके अतिरिक्त ट्रफ के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और उससे लगे उत्तर भारत पर मौजूद है। इन चार वेदर सिस्टम के कारण मध्यप्रदेश में बंगाल की खाड़ी से नमी आ रही है। इस वजह से प्रदेश के पूर्वी इलाके में स्थित जबलपुर, रीवा, शहडोल संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ रही हैं।
इन क्षेत्रों में शनिवार-रविवार को भी बरसात होने की संभावना है। शनिवार को राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छा सकते हैं। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अजय शुक्ला ने बताया कि शनिवार को भी एक पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत में दाखिल होने की संभावना है। इसके बाद 13 अप्रैल को भी एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत पहुंचेगा। इससे एक बार फिर मौसम के मिजाज में कुछ बदलाव हो सकता है।