इन्दौर। उभरते प्रौद्योगिकियों और प्रबंधन के अभिनव अनुप्रयोगों (इनोवेटिव एप्लीकेशन ऑफ़ इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज एंड मैनेजमेंट)  विषय पर प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड रिसर्च द्वारा दो दिवसीय  वर्चुअल अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में 15 से अधिक देशों के वक्ताओं, तकनिकी विशेषज्ञों ने इंजीनियरिंग, प्रबंधन और कृषि-टेक से जुड़े 6 प्रमुख क्षेत्रों पर अपने विचारों को साझा किया। डेनमार्क से डॉ अन्ना फ्राइजेल और यूएसए के हॉलिबर्टन के मुख्य डेटा वैज्ञानिक  डॉ सत्यम प्रियदर्शी जो इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन के गेस्ट ऑफ़ ऑनर एवं मुख्य वक्ता थे, ने अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित तथा मजबूती प्रदान करने हेतु अपने समर्थन का आश्वासन दिया। प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के चेयरमैन डॉ. डेविश जैन ने आर्थिक सुधार के परिणामस्वरूप कृषि और औद्योगिक विकास के लिए उभरती प्रौद्योगिकियों के नवाचार और अनुप्रयोग की आवश्यकता पर बल दिया। अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन के समापन सत्र में  एल टी के डी जी एम् भुवन  दामहे तथा प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के सीईओ डॉ अनिल बाजपेयी ने भी अपने विचार रखे। 
प्रेस्टीज इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड रिसर्च के डायरेक्टर डॉ. मनोज कुमार देशपांडे ने जानकारी देते हुए कहा कि इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन में  दुनिया भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योगपतियों  ने आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, इंडस्ट्री 4.0  जैसे इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज पर अपने विचारों एवं अनुभवों को साझा किया।  अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन की कोर समिति की  डॉ जॉली मसीह, डॉ दीप्ति चौहान, प्रो साधना तिवारी तथा प्रो हेमंत शर्मा  इस सम्मलेन में विभिन्न देशों विशेष रूप से अमेरिका, ब्रिटेन, नीदरलैंड, डेनमार्क, स्वीडन, इज़राइल, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, सऊदी अरब, थाईलैंड एवं भारत के प्रतिभागियों द्वारा 250 शोध पत्र प्रस्तुत किये गए जिसमें से सर्वश्रेष्ठ तथा उच्च गुणवत्ता वाले लघु सूचीबद्ध शोध पत्रों का चयन स्कोपस इंडेक्स / एबीडीसी और नास जैसे जर्नल, पत्रिकाओं में प्रकाशन के लिए किया गया।