मॉस्को । कोरोना महामारी की मार के बीच अब विश्व युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। रूस के सैन्य विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि अगले चार हफ्तों में दुनिया विश्व युद्ध की गवाह बनेगी। कोरोना संकट के बीच अगर विश्व युद्ध छिड़ा, तो इसके परिणाम के बारे में सोचकर ही लोगों की रूह कांप रही है। रूस-यूक्रेन सीमा पर बढ़ते तनाव से विश्व युद्ध की आशंका गहरा गई है। सैन्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो एक महीने के भीतर दुनिया को कोरोना संकट के बीच भीषण युद्ध का सामना करना पड़ेगा। रूस ने तनाव बढ़ते देख हाल ही में विवादित सीमा पर अपने 4,000 सैनिकों को भेजा है। रूसी सेना की इस हलचल से यूरोप हाई अलर्ट पर मोड पर आ गया है। इसके बाद विश्व युद्ध का खतरा भी मंडराने लगा है।
अगले कुछ हफ्तों में छिड़ सकता है युद्ध!
स्वतंत्र रूसी सैन्य विश्लेषक पावेल फेलगेनहर का कहना है कि जिस तरह के हालात हैं, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि अगले कुछ हफ्तों में यूरोपीय या विश्व युद्ध जैसा बड़ा खतरा सामने आने वाला है। पावेल फेलगेनहर ने कहा कि खतरा बढ़ रहा है और तेजी से बढ़ रहा है। मीडिया में भले ही इस बारे में ज्यादा बात न हो, लेकिन हमें बेहद बुरे संकेत दिखाई दे रहे हैं। 
सीमा पर रूसी टैंकों की हलचल तेज
रूसी सैन्य विशेषज्ञ पावेल फेलगेनहर ने कहा कि अगर युद्ध छिड़ा, तो यह केवल दो देशों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसमें यूरोपीय या विश्व स्तर पर युद्ध का रूप लेने की भी क्षमता है। फेलगेनहर का यह बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस आदेश के बाद आया है, जिसके तहत उन्होंने टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहनों के साथ 4,000 रूसी सैनिकों को विवादित सीमा पर भेजा है। इसके बाद से यूरोप ने भी अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है। 
रूस ने कहा, घबराने की जरूरत नहीं
पिछले हफ्ते यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ रुसलान खोमच ने संसद में कहा था कि रूसी संघ हमारे देश के प्रति आक्रामक नीति जारी रखे हुए है। रूस ने कम से कम अतिरिक्त 25 टेक्टिक ग्रुप को बॉर्डर एरिया में तैनात किया है। ये सभी यूक्रेन की सीमा पर पहले से तैनात रूसी सैनिकों के अलावा हैं। वहीं रूस का कहना है कि उसकी सेना के मूवमेंट से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। वो कोई युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है।
इन कारणों से हो सकता है विश्व युद्ध
बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच यदि युद्ध होता है, तो उसके विश्व युद्ध में बदलने के कई कारण हैं। पहला तो यही कि रूस और अमेरिका धुर विरोधी हैं और यूक्रेन अमेरिका का करीबी। यदि रूस यूक्रेन को नुकसान पहुंचाता है, तो अमेरिका उसका साथ देगा और इस तरह अन्य देश भी उनसे जुड़ते जाएंगे। हाल ही में अमेरिका से सैन्य हथियारों से लदा एक कार्गो शिप यूक्रेन पहुंचा था। इस पर रूस ने कड़ी आपत्ति जताई थी। बता दें कि रूस पहले से ही यूक्रेन और अमेरिका में बढ़ती हुई नजदीकी से चिढ़ा हुआ है।