Thursday, 15 November 2018, 9:59 AM

आलेख

शाह के दौरे से नरोत्तम मिश्रा बने और ताकतवर

Updated on 21 August, 2017, 11:21
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का विधानसभा और लोकसभा चुनाव के संदर्भ में तीन दिन का भोपाल दौरा कल रात संपन्न हो गया--जिसमें सत्ता और संगठन की कलई तो खुल गई, लेकिन हिदायतों और नसीहतों के साथ पूरी पार्टी में मतदाताओं के बीच जाने के लिए हवा भर दी... आगे पढ़े

शिवराज की अति-प्रशंसा और मीडिया पर निशाना

Updated on 20 August, 2017, 12:34
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राज्यसभा के पहली बार निर्वाचित सदस्य और गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह की भोपाल में तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन कल 19 अगस्त 2017 को भी भारी गर्मजोशी, तीखे तेवर और रहस्यमयी मुद्रा दिखाई दी। आज उनकी बैठक का आखिरी दिन है... आगे पढ़े

शाह के दरबार का पहला दिन

Updated on 19 August, 2017, 11:36
मध्यप्रदेश में वर्ष 2018 में विधानसभा और वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत से विजय सुनिश्चित करने के लिए भारतीय जनता पार्टी की गहमागहमी से भरी हुई जम्बो बैठक अध्यक्ष अमित शाह के नेतृत्व में कल 18 अगस्त 2017 से शुरू हो गई है, जो 20 अगस्त 2017... आगे पढ़े

भाजपा की जीत के बाद अमित शाह का आगमन

Updated on 18 August, 2017, 11:49
भाजपाध्यक्ष अमित शाह के आज सुबह भोपाल आगमन के दो दिन पहले घोषित मध्यप्रदेश के 43 नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम का राजनीतिक क्षेत्रों में थोड़ा-बहुत अर्थ तो निकाला जाएगा। चुनाव परिणाम से यह संकेत साफ दिखाई देता है कि भारतीय जनता पार्टी अभी भी मध्यप्रदेश में मजबूत स्थिति में... आगे पढ़े

स्वतंत्रता के 70 साल, देश और हम

Updated on 15 August, 2017, 15:12
जब भी 15 अगस्त आता है, तो हम एक वार्षिक कार्यक्रम की तरह यह हिसाब-किताब करने लगते हैं कि हमने कितनी प्रगति की है? इसके बाद अगले 15 अगस्त के लिए हम अपने वही पुराने ढर्रे पर लौट आते हैं। महात्मा गांधी, जयप्रकाश नारायण और अन्ना हजारे के बाद हमें... आगे पढ़े

विदेश नीति में आक्रामकता और आवश्यक

Updated on 14 August, 2017, 11:29
संभवतः यह पहला अवसर है कि जब हमारे दोनों पड़ोसियों से--जिनके साथ हमारी सीमा जुड़ी हुई है--संबंधों में बिगाड़ चरम पर है। दुविधा यह भी है कि इन दोनों पड़ोसियों के बीच काफी मधुर संबंध हैं। ऐसे में हमारी कूटनीति के लिए भी कठिन चुनौती पैदा हो जाती है। जम्मू... आगे पढ़े

बच्चों की मौत को भुलाने का काम शुरू

Updated on 13 August, 2017, 11:54
जिस देश में विश्व की सबसे भीषण मानव निर्मित औद्योगिक गैस रिसन दुर्घटना हुई थी, वहां पर तो गोरखपुर जैसी घटनाओं पर वास्तव में तो पूर्ण विराम लग जाना चाहिए था। पर दुख की बात है कि हमारी सरकारें, हमारा प्रशासन, हमारे राजनीतिक दल और हमारा समाज इस प्रकार की... आगे पढ़े

अमित शाह का इंतजार और कांग्रेस की निद्रा-मुद्रा

Updated on 12 August, 2017, 12:04
मध्यप्रदेश में अब धीरे-धीरे चुनावी राजनीति की गतिविधियां जोर पकड़ती जा रही हैं, क्योंकि सवा साल बाद विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। यानी अब समय कम बचा है और काम ढेर सारा है, इसलिए खासकर भारतीय जनता पार्टी में सरगर्मी बढ़ गई है और कांग्रेस अभी भी लगभग निद्रा... आगे पढ़े

अंसारी: ऐसे बयान की नहीं थी उम्मीद

Updated on 11 August, 2017, 12:04
निवर्तमान उपराष्ट्रपति डाॅ. हामिद अंसारी ने अपनी विदाई के पहले ही एक टिप्पणी करके विवाद पैदा कर दिया है। हालांकि यह टिप्पणी नई नहीं है और वर्तमान राजनीतिक तथा सामाजिक परिदृश्य में किसी न किसी के मुंह से सुनाई देती रही है। डाॅ. अंसारी ने एक इंटरव्यू में कहा कि... आगे पढ़े

गुजरात में जो हुआ, वह सही था या गलत ?

Updated on 10 August, 2017, 11:47
गुजरात में 9 अगस्त 2017 की रात को राज्यसभा के चुनाव में जिस प्रकार की राजनीति चली, उसे केंद्र में रखकर दो बातें कही जा सकती हैं-- (एक) जो कुछ भी हुआ, वह पूरी तरह गलत है और संसदीय प्रजातंत्र के लिए कलंक है। (दो) राजनीति रणनीति का खेल है... आगे पढ़े

अभी तो देश भाजपा के साथ है

Updated on 8 August, 2017, 9:14
भारतीय जनता पार्टी आज अभूतपूर्व और असाधारण सफलताओं के ऐतिहासिक दौर से गुजर रही है। 1980 में अपने जन्म के 37 साल के धैर्यपूर्ण संघर्ष और प्रतीक्षा के बाद उसे यह विलक्षण अवसर प्राप्त हुआ है। जाहिर है, जब भाजपा इस उच्चतम शिखर पर पहुंचेगी, तो देश लगभग  कांग्रेस-मुक्त हो... आगे पढ़े

क्या चल रहा है मध्यप्रदेश की राजनीति में

Updated on 4 August, 2017, 15:47
मध्यप्रदेश में आगामी पंद्रह महीनों के बाद विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं और अभी भी प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां एकतरफा प्रतीत हो रही हैं। पहली बार भाजपा ने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतकर एक कीर्तिमान तो बनाया ही है, कांग्रेस के इस मिथक को भी तोड़ दिया है... आगे पढ़े

सब अदालत के भरोसे

Updated on 3 August, 2017, 9:47
पश्चिम मध्यप्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में बड़वानी जिले से 12 किलोमीटर दूर नानकबेड़ी गांव में सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों के पुनर्वास का मुद्दा विस्फोटक स्थिति में पहुंच गया है। विस्थापितों और राज्य सरकार के बीच बांध क्षेत्र में आमने-सामने की लड़ाई चल रही है। विस्थापितों का तर्क है कि... आगे पढ़े

शरद यादव फिर एक नए मोड़ पर

Updated on 1 August, 2017, 11:26
जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष 70 वर्षीय शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच मतभेद अब मनभेद में तब्दील हो गया है। राजद के लालूप्रसाद यादव के साथ नीतीश द्वारा गठबंधन तोड़ कर वापस भाजपा के साथ हाथ मिलाने के मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच विवाद... आगे पढ़े

दलबदल : खुद के खर्चे पर ले नया जनादेश

Updated on 31 July, 2017, 20:08
ऐसा लगता है कि प्रजातांत्रिक देशों में सिर्फ भारत ही एक ऐसा देश है, जहां सभी राजनीतिक दल सर्वानुमति से प्रजातंत्र का अपने-अपने हितों में खुलकर इस्तेमाल कर रहे हैं। राजनीति नाम का पेशा सबसे ज्यादा निरंकुश, गैर जिम्मेदार और विवादों में है। हमारे यहां का गणित यह है- धनबल़+बाहुबल=... आगे पढ़े

पाकिस्तान के हालात और खराब हो सकते हैं

Updated on 30 July, 2017, 11:42
पाकिस्तान में जो ताजा घटनाक्रम हुआ है, उससे वहां कि राजनीति में भारी उथलपुथल मचेगी, और जो भी नया प्रधानमंत्री सत्ता में आएगा, उसे और भी ज्यादा विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। नवाज शरीफ के इस्तीफे के बाद नए प्रधानमंत्री के लिए उनकी पार्टी में भारी उठापठक शुरु हो... आगे पढ़े

बिहार: सियासत, मोहब्बत और जंग में सब जायज

Updated on 29 July, 2017, 6:45
बिहार के ताजा घटनाक्रम से यह और अधिक पुष्ट होता है कि मोहब्बत, जंग और सियासत में सब कुछ जायज है। एक शायर ने कहा है कि - कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, ऐसे ही कोई बेवफा नहीं होता। यानी अगर नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव का साथ छोड़ा... आगे पढ़े

राजनीति में प्रतिषोध- आकस्मिकता, विरासत या कुंठा..?

Updated on 18 August, 2015, 10:13
- भरतचन्द्र नायक     69वें स्वाधीनता दिवस के दो दिन पहले हुए संसद के सत्रावसान के संदर्भ में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का संदेष कि ‘संसद टकराव का अखाड़ा नहीं बनना चाहिए’ ने स्वतंत्रता दिवस की मीठी खुषियों में खटास पैदा की। लेकिन निष्चित रूप से ऐसा कहना महामहिम की राष्ट्रीय विवष्ता रही... आगे पढ़े

नदी के प्रवाह सी सरलता के संवाहक : राजेन्द्र शुक्ल

Updated on 6 August, 2015, 10:55
जन्म-दिवस 3 अगस्त पर विशेष ताहिर अली किसी सदानीरा नदी के तट पर खड़े होकर उसके प्रवाह को देखा है आपने .....? शांत, निर्मल ..... एक ताल में ..... जैसे एक सुर में ..... निरंतर कल-कल कर बहती हुई ..... एक अलौकिक शांति का अनुभव होता है उस शांति के पीछे सुनाई... आगे पढ़े

विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में राष्ट्रवाद का अवदान

Updated on 22 July, 2015, 11:22
प्रषिक्षण की अपरिहार्यता- भरतचन्द्र नायक   विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में राष्ट्रवाद का अवदान, प्रषिक्षण की अपरिहार्यता दुनिया में भारत ही सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसके स्थायित्व और प्रामाणिकता पर हम सभी गौरवान्वित है। परंतु यह भी एक वास्तविकता है कि लोकतंत्र की स्थिरता में सबसे बड़ा अवदान राष्ट्रवाद का है।... आगे पढ़े

विनाश की ओर बढ़ती मानवता

Updated on 12 July, 2015, 22:47
•    अनिल कुमार पाण्डेय विश्व जनसंख्या दिवस कोई साधारण दिवस नहीं, बल्कि सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित एक अंतर्राष्ट्रीय दिवस है। विश्व में सुपर सोनिक गति से बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों में जागरुकता लाने के उद्देश्य से ही यह दिवस मनाया जाता है। ये बात अलग है कि इस तरह... आगे पढ़े

नगरीय निकाय में जनभागीदारी, आंचलिक जन से सरोकार कैलाष विजयवर्गीय का सपना है

Updated on 10 July, 2015, 19:40
भरतचन्द्र नायक मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय जनभागीदारी से नगरीय निकाय के साथ आम आदमी, शोषित पीडित वंचित वर्गो, परित्यक्तजन को तात्कालिक राहत किस प्रकार दे सकते है इसे जानने के लिए हमें डेढ दशक पीछे जाना पडेगा। देखने में आता है कि नगरीय निकाय शासन के मुखापेक्षी बनकर छुटपुट कामों में... आगे पढ़े