नेशनल लोक अदालत में 14 हजार से अधिक बिजली प्रकरणों में दी गयी 4 करोड़ की छूट
भोपाल : ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि गत दिनों आयोजित नेशनल लोक अदालत में बिजली से संबंधित 14 हजार 864 प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण कर 4 करोड़ रुपये से अधिक की छूट दी गयी है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी क्षेत्र में 7 हजार 227 प्रकरणों का निराकरण करते हुए विद्युत उपभोक्ताओं को एक करोड़ 66 लाख 27 हजार रुपये की छूट प्रदान की गयी है। कम्पनी के खाते में 9 करोड़ 76 लाख रुपये का राजस्व भी जमा कराया गया। पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी क्षेत्र में 5 हजार 363 प्रकरण निराकृत हुए हैं। इनमें बिजली उपभोक्ताओं को एक करोड़ 46 लाख रुपये की छूट दी गयी है। कम्पनी को लगभग 8 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसी तरह पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी के जिलों में 2 हजार 274 प्रकरणों का निराकरण कर करीब 98 लाख रुपये की छूट बिजली उपभोक्ताओं को दी गयी है। कम्पनी को लगभग 4 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
मंत्री तोमर ने बताया है कि कम्पनियों द्वारा वितरण केन्द्र स्तर तक लोक अदालत के लिए प्रभावी तैयारी की गई थी। लोक अदालत में विद्युत अधिनियम-2003 की धारा-135 के तहत दर्ज बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरणों में समझौता किया गया। प्री लिटिगेशन के माध्यम से निराकरण के लिए निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को छूट प्रदान की गई। प्री लिटिगेशन स्तर सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट मिली, जबकि लिटिगेशन स्तर के प्रकरणों में आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट की तैयारी की गई थी।
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