तूफान की तबाही के बाद खाने की तलाश में लोग, जमैका में राहत कार्य धीमे
कैरेबियाई देश जमैका का बंदरगाह शहर ब्लैक रिवर आज भुखमरी, तबाही और बेबसी की तस्वीर बना हुआ है. इसके पीछे वजह है तीन दिन पहले आया कैटेगरी-5 तूफान मेलिसा. लोग मलबे और टूटी दुकानों में से खाने-पीने की चीजें खोजने को मजबूर हैं. बिजली, पानी और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है. मदद पहुंचने में देरी से लोगों की हालत और बिगड़ती जा रही है.
तेज हवाओं और समुद्री लहरों ने सड़कों, घरों और दुकानों को तहस-नहस कर दिया. नावें सड़क किनारे उलटी पड़ी हैं, दीवारें टूट चुकी हैं और बिजली के खंभे गिर चुके हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक कोई राहत ट्रक इस इलाके तक नहीं पहुंचा है. लोग सड़क किनारे और खंडहर बने सुपरमार्केट में से जो भी मिल जाए, उसी से पेट भरने की कोशिश कर रहे हैं.
भूख से लड़ते लोग, टूटी दुकानों में तलाश
लोगों को जो कुछ भी सड़क पर दिखता है, उसी से काम चला रहे हैं. हालात ये हैं कि ये मजबूरी अब अराजकता में बदल चुकी है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कई लोगों ने एक स्थानीय फार्मेसी से दवाएं और शराब निकाल लीं. लोग कीचड़ में लिपटी चीजें उठा रहे हैं. चाहे वो दवा हो या शराब.
90% घर तबाह, प्रशासन लाचार
ब्लैक रिवर के मेयर रिचर्ड के मुताबिक, शहर का कोई इंच भी सुरक्षित नहीं बचा. लोग मजबूरी में लूटपाट कर रहे हैं, और प्रशासन के पास हालात संभालने के सीमित साधन हैं. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि करीब 90% मकान नष्ट हो गए हैं. अस्पताल, पुलिस स्टेशन और फायर स्टेशन तक बर्बाद हो चुके हैं. जमैका सरकार ने पुष्टि की है कि तूफान में 19 लोगों की मौत हुई है. हैती में भी 30 लोगों की मौत की खबर है.
राहत की आस और जिंदा रहने की जंग
किंग्सटन से राहत सामग्री पहुंचने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सड़कों और छोटे हवाई अड्डों के क्षतिग्रस्त होने से ब्लैक रिवर अब भी कट चुका है.शुक्रवार को जब सेना के हेलीकॉप्टर पहुंचे, तो थोड़ी उम्मीद जागी. लेकिन स्थिति अभी भी बेहद नाजुक है.
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