यौन अपराधी एपस्टीन मामले से जुड़े सभी ईमेल, तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्स होंगे सार्वजनिक
वॉशिंगटन। ट्रम्प प्रशासन जल्द ही को कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े दशकों पुराने सरकारी रिकॉर्ड सार्वजनिक कर सकता है। इस दौरान एपस्टीन मामले से जुड़े सभी ईमेल, तस्वीरें और डॉक्यूमेंट्स पब्लिक होंगे। इसका मकसद एपस्टीन के पूरे नेटवर्क की सच्चाई सबके सामने लाना है। आरोप है कि इस नेटवर्क में नाबालिग लड़कियों का शोषण हुआ और दुनिया के कई ताकतवर लोग इससे जुड़े थे। इससे पहले इस मामले से जुड़ीं 19 तस्वीरें 12 दिसंबर को पब्लिक हुई थीं। इसमें 3 तस्वीरें ट्रम्प की हैं। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, अरबपति बिल गेट्स जैसे बड़ी हस्तियों की तस्वीरें भी सार्वजनिक हुईं थीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब एपस्टीन से जुड़े सभी रिकॉर्ड पब्लिक होने में सिर्फ 2 दिन बाकी हैं। ऐसे में अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब तक किसी भारतीय नागरिक या भारतीय नेता-उद्योगपति का नाम आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।
वहीं भारतीय नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया है कि इसमें कुछ भारतीय मंत्री, पूर्व मंत्री और मौजूदा सांसदों के नाम सामने आ सकते हैं। हालांकि अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है, लेकिन एपस्टीन के संबंध अमेरिका के बाहर के देशों के नेताओं और बिजनेसमैन से भी बताए जाते हैं, इसलिए पूरी दुनिया की नजर इन फाइलों पर टिकी हैं। जेफ्री एपस्टीन की संपत्ति से जारी 19 तस्वीरों में 9 बड़ी हस्तियों के नाम सामने आए हैं। ये तस्वीरें सीधे तौर पर किसी को अपराधी साबित नहीं करतीं, लेकिन इन्हें एपस्टीन के साथ दिखाती हैं जिससे विवाद और सवाल खड़े हो रहे हैं। इसमें डोनाल्ड ट्रम्प (अमेरिकी राष्ट्रपति), बिल क्लिंटन (पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति), बिल गेट्स (अरबपति), प्रिंस एंड्रयू (ब्रिटिश किंग के भाई), स्टीव बैनन (ट्रम्प के पूर्व सलाहकार), लैरी समर्स (हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष), वुडी एलन (फिल्म निर्माता), रिचर्ड ब्रैनसन (बिजनेसमैन), एलन डर्शोविट्ज (मशहूर वकील) शामिल हैं।
चारधाम यात्रा अपडेट: मद्महेश्वर-तुंगनाथ के कपाट खुलने की तारीख कल घोषित, डीएम की निगरानी में होंगे अनुष्ठान
9 साल से खाली पद पर विपक्ष आक्रामक, सरकार से जवाब तलब
Kedarnath Yatra 2026 की तैयारियां तेज, धाम में अधिकारियों ने किया निरीक्षण
राजनीतिक विवाद बढ़ा, राहुल गांधी के बयान ने मचाया सियासी तूफान