भगवान विष्णु का मोहिनी स्वरूप: समुद्र मंथन की कथा और एकादशी व्रत का महत्व
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी इस वर्ष 27 अप्रैल 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने असुरों से अमृत बचाने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था। उदयातिथि के अनुसार व्रत सोमवार को रखा जाएगा, जबकि एकादशी तिथि का प्रारंभ 26 अप्रैल शाम 6:06 बजे से ही हो जाएगा।
पूजा के शुभ मुहूर्त:
भगवान विष्णु की आराधना के लिए अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 05:44 से 07:23 बजे तक है। इसके अतिरिक्त शुभ-उत्तम मुहूर्त सुबह 09:02 से 10:40 बजे तक रहेगा। स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:17 से 05:01 बजे तक सबसे श्रेष्ठ है।
विशेष योग और भद्रा:
इस साल यह व्रत ध्रुव योग में पड़ रहा है, जो रात 09:36 बजे तक रहेगा। यह योग गृह निर्माण या मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हालांकि, व्रत के दिन सुबह 06:07 से शाम 06:15 बजे तक भद्रा का वास रहेगा, इसलिए इस दौरान कोई भी नया शुभ कार्य करने से बचें, यद्यपि पूजा-पाठ किया जा सकेगा।
व्रत का महत्व और पारण:
मोहिनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति मोह-माया के बंधनों से मुक्त होकर सुख-समृद्धि प्राप्त करता है। व्रत का पारण 28 अप्रैल (मंगलवार) को सुबह 05:43 से 08:21 बजे के बीच किया जाएगा। धार्मिक दृष्टिकोण से यह व्रत कष्टों के निवारण और मोक्ष प्राप्ति का सुलभ मार्ग माना गया है।
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