सुशासन तिहार की तैयारी: जनसमस्याओं के निपटारे के लिए मैदान में डटे रहेंगे छत्तीसगढ़ के कर्मचारी।
छत्तीसगढ़: सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियों पर 3 महीने की रोक, आदेश जारी
रायपुर| छत्तीसगढ़ के शासकीय सेवकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। राज्य सरकार ने आगामी तीन महीनों के लिए कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने आधिकारिक आदेश जारी कर नियमों को स्पष्ट कर दिया है।
अवकाश पर रोक की मुख्य वजह सरकार ने यह निर्णय 'सुशासन तिहार' और आगामी 'जनगणना' कार्यों की महत्ता को देखते हुए लिया है। सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता की शिकायतों का त्वरित निराकरण और सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही, जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में राज्य के कर्मचारियों की सहभागिता अनिवार्य है। इन लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए कार्यालयों में कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जा रही है।
बिना अनुमति अनुपस्थिति पर 'ब्रेक इन सर्विस' का खतरा शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी कर्मचारी सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा। यदि कोई कर्मचारी बिना स्वीकृति के अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे 'स्वैच्छिक अनुपस्थिति' की श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसी स्थिति में कर्मचारी की सेवा पुस्तिका में "ब्रेक इन सर्विस" (सेवा में व्यवधान) दर्ज किया जा सकता है, जो भविष्य में पदोन्नति और अन्य लाभों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
आकस्मिक अवकाश (CL) के नियम भी हुए सख्त आकस्मिक अवकाश लेने की प्रक्रिया को भी अब अधिक जवाबदेह बनाया गया है। यदि किसी अनिवार्य कारण से अचानक छुट्टी लेनी पड़ती है, तो कर्मचारी को डिजिटल माध्यम (जैसे मैसेज या ईमेल) से तत्काल सूचना देनी होगी। साथ ही, ड्यूटी पर वापस आने के बाद इसकी लिखित पुष्टि और प्रमाण देना भी अनिवार्य होगा।
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