बिलासपुर ।  विद्यार्थियों को सुनहरे भविष्य का सपना दिखा डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी किस कदर उनकी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा आप भी जान लीजिए। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने एक वर्षीय पाठ्यक्रम की पूरी फीस 3 साल पूर्व 2017 में जमा तो करा ली लेकिन परीक्षा आज तक आयोजित नहीं कराया।
इस यूनिवर्सिटी में ज्यादातर ग्रामीण अंचल के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त करने का सपना सँजोये जाते है। किसी के पालक धान बेचकर अपने बच्चों को यहाँ पढा रहे तो कोई घर, जायजाद बेचकर। पालकों को आस है कि कम्प्यूटर का युग है 1 साल का पाठ्यक्रम है। बच्चा पढ़ जाएगा तो कही छोटी-मोटी नौकरी कर घर परिवार का सहारा बनेगा।
उन्हें क्या पता कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन फीस जमा कराने के बाद परीक्षा ही आयोजित नहीं कराएगा। ये रसीद है रतनपुर के फ्यूचर ब्राइट कम्यूटर एजुकेशन संस्थान का जहां से कईं विद्यार्थियों ने एक वर्षीय डीसीए कोर्स करने इस सेंटर से प्राइवेट परीक्षा देने 3 साल पहले पैसा जमा कराया है।
सोचिए कि यदि 100 विद्यार्थी 1 साल में निकलते तो 300 अभी तक एक डीसीए का एक वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा कर चुके होते। इनमें से हो सकता है कि 100-150 इसी डिप्लोमा के दम पर शासकीय, अर्धशासकीय या निजी संस्थानों में सेवा देकर अपने बुजुर्ग माता-पिता के बुढापे की लाठी बन गए होते। क्या ये उन विद्यार्थियों और उनके पालकों के साथ धोखा नहीं है।
हमने करीब दो-ढाई माह पूर्व यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार गौरव शुक्ला से उनके मोबाइल नम्बर 919617779305 पर सम्पर्क कर इस सम्बंध में उनसे चर्चा की। उन्होंने कहा था कि सप्ताह-दस दिन में परीक्षा आयोजित करा ली जाएगी पर आज तक परीक्षा नही आयोजित कराई गई।