ज्यों-की-त्यों धर दीन्हि चदरिया

पंकज पाठक

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू), भोपाल के प्रभारी कुलपति प्रो. संजय द्विवेदी को भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली का महानिदेशक बनाने के फ़ैसले के बाद एमसीयू के नए कुलपति के लिए जोड़तोड़ शुरू हो गई है।कल से तीन नए नामों की चर्चा चल रही है जो संघ में प्रचारक स्तर के हैं और इनमें से एक का नाम बिहार से है।प्रो. द्विवेदी के बारे में यह निर्णय केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने लिया है।अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किया जाएगा।अतः प्रो. द्विवेदी अभी लगभग एक पखवाड़े एमसीयू, भोपाल में ही रहेंगे।इसके बाद वीसी का प्रभार किसे देना है, इस पर विचार होगा।संभावना है कि लोकसभा टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. आशीष जोशी को एमसीयू का कुलपति नियुक्त किया जा सकता है अथवा उन्हें कुलपति का प्रभार दिया जा सकता है।प्रो. जोशी एमसीयू के ही प्राध्यापक हैं और अभी प्रतिनियुक्ति पर हैं।उनका कार्यकाल भी पूरा होने को है।पूर्व वीसी जगदीश उपासने को भी वापस आने में कोई दिक़्क़त नहीं है, लेकिन वे स्वयं पहल करना नहीं चाहते।पूर्ववर्ती शिवराज सरकार ने उन्हें कुलपति बनाया था और कमलनाथ सरकार ने उन्हें हटा दिया था।कमलनाथ सरकार ने दीपक तिवारी को कुलपति बनाया।लेकिन जैसे ही शिवराज सरकार की वापसी हुई, दीपक तिवारी को इस्तीफ़ा देना पड़ा।शिवराज सरकार के आते ही प्रो. संजय द्विवेदी को पुनः कुल सचिव बना दिया और कुछ समय बाद उन्हें कुलपति का प्रभार सौंप दिया गया।कुछ बौद्धिक पत्रकार और पत्रकारिता शिक्षण संस्थानों के विद्वान प्राध्यापक इच्छा और रुचि होने के बाद भी इस विश्वविद्यालय में आना नहीं चाहते, क्योंकि इसका राजनीतिकरण हो चुका है।जब भी जो सरकार सत्ता में आती है, वह इस विश्वविद्यालय को अपनी पार्टी की रीति और नीति के अनुसार चलाती है।इस कारण जो राजनीतिक विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध हैं, वे रुचि लेते हैंऔर कभी तटस्थ लोगों को भी समझौता करना पड़ता है।