भिलाई। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंतर्गत आने वाले सुपेला थाना क्षेत्र से अपहरण, मारपीट और जबरन वसूली का एक बेहद हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ दो बालिग और चार नाबालिग आरोपियों ने मिलकर पड़ोसी जिले बालोद से आए दो युवकों का फिल्मी अंदाज में रास्ता रोककर किडनैप कर लिया। बेखौफ बदमाशों ने दोनों पीड़ितों को बंधक बनाकर करीब पांच घंटे तक शहर के अलग-अलग सुनसान और व्यस्त इलाकों में घुमाया। इस दौरान उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई और डरा-धमकाकर उनके पास मौजूद नकदी, मोबाइल फोन, कीमती चांदी के आभूषण और उनकी स्कूटी लूट ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने चाकू की नोंक पर पीड़ितों के मोबाइल से पेटीएम का पिन हासिल किया और जबरन पैसे भी ट्रांसफर करवा लिए। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरोह के सभी छह सदस्यों को दबोच लिया है।

मदद के बहाने आए और स्कूटी चोरी की बताकर बुला लिए साथी

नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्यप्रकाश तिवारी ने इस खौफनाक वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि बालोद जिले के डौंडी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली शिक्षक कॉलोनी का रहने वाला एक युवक अपने रिश्तेदार दिव्य बांदे के साथ बीती 2 जुलाई की रात दुर्ग-भिलाई घूमने के लिए आया हुआ था। ये दोनों अपनी एक मोटरसाइकिल और सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी से सफर कर रहे थे। तड़के सुबह करीब 4:30 बजे के आस-पास जब वे सुपेला के गदा चौक के समीप पहुंचे, तो उनकी सफेद एक्टिवा स्कूटी में अचानक कुछ तकनीकी खराबी आ गई और वह बंद हो गई। दोनों युवक सड़क किनारे खड़े होकर स्कूटी ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां दो स्थानीय युवक पहुंचे।

शुरुआत में दोनों ने स्कूटी खरीदने की इच्छा जताई और जब पीड़ितों ने असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उनसे गाड़ी के वैध दस्तावेज (कागजात) दिखाने की मांग की। सुबह का वक्त होने के कारण जब पीड़ित तुरंत कागज नहीं दिखा सके, तो आरोपियों ने उन पर चोरी की स्कूटी रखने का झूठा आरोप मढ़ दिया और फोन करके अपने चार अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया।

साईं मंदिर के पास ले जाकर की पिटाई, क्यूआर कोड पर ट्रांसफर कराए पैसे

अतिरिक्त बदमाशों के आते ही आरोपियों का हौसला बढ़ गया और उन्होंने दोनों युवकों को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद सभी छह आरोपी दोनों पीड़ितों को जबरन अगवा कर सेक्टर-6 स्थित साईं मंदिर के पास एक सुनसान जगह पर ले गए। वहाँ बंधक बनाकर दोनों की लात-घूसों से बेरहमी से पिटाई की गई। आरोपियों ने डरा-धमकाकर पीड़ितों से तीन चांदी की अंगूठियां, एक चांदी का ब्रेसलेट, दो महंगे स्मार्टफोन, पांच हजार रुपये नगद और उनकी बिना नंबर वाली एक्टिवा स्कूटी छीन ली। वारदात यहीं खत्म नहीं हुई; लुटेरों ने पीड़ितों के मोबाइल में पेटीएम ऐप खुलवाया और चाकू दिखाकर पिन नंबर पूछ लिया। इसके बाद आरोपियों ने एक अन्य क्यूआर कोड (QR Code) पर जबरन 18,180 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।

चाकू दिखाकर जबरन बनवाया कबूलनामा वीडियो, पुलिस की गिरफ्त में पूरी गैंग

लूटपाट करने के बाद भी आरोपियों ने दोनों युवकों को तुरंत नहीं छोड़ा। वे पीड़ितों को डराते हुए नगपुरा, कुरूद, ग्रीन चौक और दुर्ग के कई अन्य इलाकों में बंधक बनाकर लगातार पांच घंटे तक स्कूटी और अपनी बाइकों पर घुमाते रहे। आखिरकार, पुलगांव चौक के पास ले जाकर आरोपियों ने पीड़ितों की छाती पर चाकू अड़ा दिया और अपने मोबाइल से एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इस जबरन बनवाए गए वीडियो में पीड़ितों से डराकर यह कबूल कराया गया कि वे दोनों भिलाई में चोरी की स्कूटी बेचने के लिए आए थे, ताकि आरोपी खुद को सुरक्षित रख सकें। इसके बाद बदमाशों ने उन्हें छोड़ दिया।

जंग चंगुल से छूटने के बाद डरे-सहमे पीड़ितों ने सीधे सुपेला थाने पहुंचकर पुलिस को आपबीती सुनाई। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस की विशेष टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी और गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने मुख्य दो बालिग आरोपियों, जिनकी पहचान सोहेल खान और अरजद के रूप में हुई है, को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही वारदात में शामिल अन्य चार विधि से संघर्षरत बालकों (नाबालिगों) को भी हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ अपहरण, डकैती और किशोर न्याय अधिनियम (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) की गंभीर धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।