बीते दिन 27 जनवरी, 2021 को देशभर के कई पावन तीर्थ स्थलों पर लोग माघ पूर्णिमा का स्नान करते हुए देखा गया। इस खास अवसर पर हरिद्वार, ऋषिकेश के साथ-साथ अन्य कई घाटों पर प्रात 4 बजे से ही गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। लोगों ने हरिद्वार की अधिक प्रसिद्ध हरि की पौड़ी में स्नान करके विधि वत पूजा-अर्चना की तथा पुण्य अर्जित किया। इस दौरान यहां के प्रसिद्ध मंदिरों में अधिक भीड़ देखने को मिली। ज्योतिष विद्वानों का कहना है कि नक्षत्रों और तिथियों के अनुसार इन दिनों कुंभ चल रहा है। यही कारण है कि इस माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं पूजा-अर्चना में लीन दिखाई दिए।

बता दें शुक्रवार की देर रात तक 3 लाख के करीब श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच चुके थे। जिसके बाद शनिवार को भी लगातार भीड़ बढ़ती गई। माना जा रहा है कोरोना काल के बाद हुए स्थानों में माघ पूर्णिमा के स्नान में अब तक सर्वाधिक भीड़ उमड़ी है। माघ पूर्णिमाके साथ-साथ कुंभ के मद्देनज़र गंगा के प्रमुख घाटों के साथ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद किए गए हैं। अपनी वेबसाइट के माध्यम से हम आपको बता चुके हैं कि इस साल धर्मनगरी हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन होने वाला है। मेला क्षेत्र में कुंभ पुलिस ने 12 से ज्यादा छोटी-बड़ी पार्किंग बनाई हैं।

माघ पूर्णिमा के दिन यानि शनिवार को निरंजनी अखाड़े ने कुंभ मेले का आगाज कर दिया है। जिसके बाद से कुंभ मेले की सभी गतिविधियां यही से संचालित होंगी। संन्यासियों के सबसे बड़े अखाड़े श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े में बड़ी धूमधाम और पूरे विधि-विधान के साथ माघ पूर्णिमा के दिन धर्मध्वजा की स्थापना की। इस दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरि महाराज, कुंभ मेलाधिकारी दीपक रावत, आईजी कुंभ संजय गुंज्याल समेत बड़ी संख्या में अखाड़े के साधु-संत शामिल हुए। बता दें ये धर्मध्वजा 52 फीट की ऊंचाई पर लगाई गई है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र गिरि महाराज ने इसका कारण बताते हुए कहा कि निरंजनी अखाड़े की बावन मणियां होती हैं यही कारण है कि 52 हाथ ऊंची धर्मध्वजा लगाई गई है। कुंभ मेले के दौरान इसी धर्मध्वजा के नीचे नागा संतों को दीक्षा और अन्य सभी विधि-विधान कराए जाएंगे।