नई दिल्ली   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को पहली भारत-मध्य एशिया समिट की मेजबानी करेंगे। इस वर्चुअल बैठक में कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उजबेकिस्तान के राष्ट्रपति भाग लेंगे। इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा और अफगानिस्तान के मुद्दे के अलावा व्यापार और संपर्क बढ़ाने, साझेदारी विकसित करने, सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने के मुद्दों पर फोकस रहेगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक स्टेटमेंट जारी करके बताया कि भारत और मध्य एशियाई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के स्तर की यह अपनी तरह की पहली बैठक होगी। यह समिट मध्य एशियाई देशों से भारत की बढ़ती साझेदारी को दिखाती है।

2015 में पीएम मोदी ने की थी इन देशों की यात्रा

पीएम मोदी ने 2015 में सभी मध्य एशियाई देशों की ऐतिहासिक यात्रा की थी। इसके बाद से ही इन देशों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तर पर हाई-लेवल बातचीत हो रही है। भारत और मध्य एशिया के संबंधों में सुधार लाने में इन देशों के विदेश मंत्रियों के बीच हुई बैठक ने काफी अहम बैठक निभाई। इस श्रृंखला की तीसरी बैठक नई दिल्ली में 18 से 20 दिसंबर 2021 को हुई थी।

10 नवंबर 2021 को नई दिल्ली में अफगानिस्तान के मुद्दे पर हुई क्षेत्रीय सुरक्षा बैठक में मध्य एशियाई देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक हुई थी। इस बैठक में अफगानिस्तान को लेकर साझी रणनीति तय की गई थी।