प्रसिद्ध कथकली नृत्यांगना मिलिना साल्विनी का मंगलवार को निधन हो गया है। फ्रांस में भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट इसकी जानकारी दी है।  इटली में जन्मी साल्विनी नियमित रूप से भारत, खासकर केरल आया करती थीं। केरल में ही उन्होंने कथकली सीखी और पेरिस में भारतीय नृत्य शैलियों के लिए एक स्कूल 'सेंटर मंडप' चलाया। भारत सरकार ने अभिनय कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2019 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा, "सुश्री मिलिना साल्विनी को भारतीय संस्कृति के प्रति उनके जुनून के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने पूरे फ्रांस में कथकली को और लोकप्रिय बनाने के लिए कई प्रयास किए। मैं उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और शुभचिंतकों के साथ हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।" फ्रांस में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया "कथकली के बेहतरीन प्रतिपादकों में से एक, पद्मश्री सुश्री मिलिना साल्विनी का कल निधन हो गया। पेरिस में "सेंटर मंडप" के संस्थापक निदेशक के रूप में, उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक भारतीय नृत्य और संगीत को बढ़ावा दिया। गहरी संवेदना।"

उपराष्ट्रपति वेन्हैया नायडू ने भी ट्विटर पर साल्विनी के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने लिखा: "सुश्री मिलिना साल्विनी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। कथकली की प्रतिपादक, सुश्री मिलिना साल्विनी ने फ्रांस में चार दशकों से अधिक समय तक भारतीय नृत्य और संगीत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके परिवार के सदस्यों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। उसकी आत्मा को शांति मिले।