अपनी वेबसाइट के माध्यम से हम आपको पहले भी बता चुके हैं कि कुंभ मेले के शाही स्नान की मुख्य 4 तारीखें निर्धारित कर दी गई है। इसमें सबसे शाही स्नान 11 मार्च महाशिवरात्रि, दूसरा 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या, तीसरा 14 अप्रैल मेष संक्रांति तथा आखिरी स्नान 27 अप्रैल वैशाख पूर्णिमा को होगा। बताया जाता कुंभ मेले में सामान्य स्नान और शाही स्नान की तिथियां विभिन्न होती हैं। इस मास में भी पावन तीर्थों पर स्नान करने का भी अधिक महत्व होता है। खासतौर पर माघ मास में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि को पावन माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि 27 फरवरी यानि माघ मास की पूर्णिमा को किए जाने वाले स्नान से होने वाले विभिन्न लाभ-

कहा जाता है कि माघ मास की माघ पूर्णिमा को संगम में स्नान का बहुत महत्व है। अगर संगम में स्नान संभव न हो तो गंगा, गोदावरी, कावेरी, नर्मदा, कृष्णा, क्षिप्रा, सिंधु, सरस्वती, ब्रह्मपुत्र आदि पवित्र नदियों में भी स्नान करना चाहिए।

श्लोक-
प्रयागे माघमासे तुत्र्यहं स्नानस्य यद्रवेत्।
दशाश्वमेघसहस्त्रेण तत्फलं लभते भुवि।।

इस श्लोक का अर्थ है कि माघ मास में प्रयाग में तीन बार स्नान करने से जातक को जो फल प्राप्त होता है वह पृथ्वी में दस हज़ार अश्वमेघ यज्ञ करने से भी प्राप्त नहीं होता।

हरिद्वार में ब्रह्मकुंड को हर की पौड़ी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे सबसे विशेष व पावन घाट माना जाता है, कथाओं के अनुसार इस स्थान पर समुंद्र मंथन के दौरान अमृत की बूंदें कलश से छलक कर गिरीं थीं। जिस कारण इसे अधिक पावन माना जाता है। जो भी व्यक्ति यहां डुबकी लगाता है उसे करोड़ों जन्मों का पुण्य प्राप्त होता है तथा अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है।

माघ मास में पावन तीर्थ पर स्नान करना यानि काम मोक्ष और धर्म चारों की प्राप्ति। मान्यता है कि हरिद्वार में स्नान करने वाले मनुष्य की अकाल मृत्यु नहीं होती। बताया जाता है इसी घाट पर भगवान विष्णु के पद चिन्ह हैं।

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन विधि वत स्नान करने और मां गंगा की पूजा से मनुष्य की हर प्रकार की मनोकामना पूर्ण होती हैं।

इस सब के अतिरिक्त पूर्णिमा के दिन जल और वातावरण में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा आ जाती है। बता दें इस बार माघ पूर्णिमा शनिवार को पड़ रह, तथा इस दौरान शनि और गुरु एवं सूर्य और शुक्र का संयोग भी बना रहेगा। जिस कारण इस दिन स्नान का ज्यादा महत्व है।

अत: इस दिन विधिवत स्नान और दान करें, इससे व्यक्ति की कुंडली में मौजूद चंद्र दोष दूर हो जाता है तथा अन्य सभी ग्रहों का भी अच्छा प्रभाव मिलता है। इसलिए ज्योतिष मान्यताएं हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन ग्रहों से जुड़ी वस्तुओं का दान करना चाहिए।