मधुमक्खियों के हमले से 40 बच्चे घायल, स्कूल में मचा हड़कंप
डोंगरगांव: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के अंतर्गत आने वाले डोंगरगांव विकासखंड से एक बेहद ही हैरान करने वाली और डरावनी घटना सामने आई है। यहाँ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजेभाठा में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान अचानक सैकड़ों मधुमक्खियों ने धावा बोल दिया। इस अप्रत्याशित हमले की वजह से स्कूल परिसर में भगदड़ और हाहाकार मच गया।
मधुमक्खियों के इस भीषण हमले में लगभग 40 स्कूली बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की मदद से डोंगरगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में दाखिल कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया और डॉक्टरों की एक विशेष टीम को बच्चों के त्वरित इलाज के लिए तैनात किया गया। राहत की बात यह है कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों की हालत अब पूरी तरह से स्थिर और सामान्य बनी हुई है।
सुबह की प्रार्थना के समय पेड़ से उखड़ा छत्ता; अचानक बच्चों को घेरकर डंक मारना किया शुरू
डोंगरगांव: बीजेभाठा सरकारी स्कूल के प्रत्यक्षदर्शी शिक्षकों और बच्चों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना रोजाना की तरह सुबह लगने वाली सामूहिक प्रार्थना सभा के दौरान घटित हुई:
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पेड़ पर था बड़ा छत्ता: स्कूल परिसर और खेल मैदान के समीप स्थित एक ऊंचे पेड़ पर मधुमक्खियों का एक काफी बड़ा और पुराना छत्ता लगा हुआ था।
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अचानक हुआ हमला: बच्चे जब लाइन में खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे, तभी अचानक छत्ते से निकलकर हजारों की संख्या में मधुमक्खियों ने बच्चों को चारों तरफ से घेर लिया। बच्चे कुछ समझ पाते, इससे पहले ही मधुमक्खियों ने उन्हें बेरहमी से डंक मारना शुरू कर दिया। हमले से बचने के लिए मासूम बच्चे अपनी जान बचाने के लिए कमरों और बरामदे की तरफ दौड़ने लगे, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
स्कूल प्रबंधन ने सूझबूझ से संभाला मोर्चा; तुरंत बुलाई गई डॉक्टरों की टीम, कुछ का स्कूल में ही हुआ इलाज
डोंगरगांव: इस आपातकालीन स्थिति में स्कूल प्रशासन ने संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया:
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स्वास्थ्य केंद्र दी गई सूचना: प्राचार्या और शिक्षकों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों और एम्बुलेंस को मामले की सूचना दी।
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प्राथमिक चिकित्सा: जिन बच्चों को कम डंक लगे थे, उन्हें स्कूल के भीतर ही सुरक्षित कमरों में बंद कर डॉक्टरों की देखरेख में प्राथमिक उपचार, एंटी-एलर्जी दवाइयां और मरहम उपलब्ध कराया गया। वहीं, जिन बच्चों के चेहरे और शरीर पर ज्यादा डंक लगे थे, उन्हें तत्काल वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव भेजा गया। डॉक्टरों की सतर्कता के कारण समय रहते सभी बच्चों को आवश्यक एंटी-वेनम और पेनकिलर दवाएं दे दी गईं, जिससे कोई भी बच्चा गंभीर स्थिति में नहीं पहुंचा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) का बयान: पक्षियों की छेड़छाड़ के कारण भड़कीं मधुमक्खियां, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में
डोंगरगांव: घटना के बाद राजनांदगांव जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉक्टर नेतराम नवरतन ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए विस्तृत रिपोर्ट साझा की है:
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खंड चिकित्सा अधिकारी से मिली रिपोर्ट: सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि बीजेभाठा स्कूल की इस घटना की पल-पल की जानकारी खंड चिकित्सा अधिकारी (BMO) द्वारा जिला मुख्यालय को दी जा रही है। कुल 40 बच्चों को मधुमक्खियों द्वारा काटे जाने की पुष्टि हुई है।
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हमले का कारण: प्रारंभिक तौर पर यह बात सामने आई है कि स्कूल के आसपास के पेड़ों पर मधुमक्खियों के कई छत्ते हैं। संभवतः सुबह किसी पक्षी या कौवे ने छत्ते के साथ छेड़छाड़ कर दी, जिससे भड़ककर मधुमक्खियों के झुंड ने नीचे मैदान में प्रार्थना कर रहे बच्चों पर हमला बोल दिया।
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खतरे से बाहर हैं बच्चे: सीएमएचओ ने पालकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में (अंडर कंट्रोल) है। लगभग 15 से 20 बच्चों को एहतियात के तौर पर सीएससी अस्पताल में डॉक्टरों की सीधी निगरानी में रखकर इलाज दिया जा रहा है। किसी भी बच्चे की हालत नाजुक या गंभीर नहीं है। उपचार के बाद राहत महसूस करने वाले कई बच्चों को उनके माता-पिता के साथ घर भेज दिया गया है और स्कूल परिसर के आसपास से छत्तों को सुरक्षित रूप से हटवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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