NEET पेपर लीक पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, पुलिस से झड़प जैसी स्थिति
जयपुर: नीट यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार को भारी राजनीतिक बवाल देखने को मिला। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश मुख्यालय का घेराव करने के लिए एक बहुत बड़ा और आक्रामक प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी के सैकड़ों नेता और कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से पैदल मार्च निकालते हुए शहीद स्मारक के रास्ते बीजेपी दफ्तर की तरफ बढ़े। इस विशाल प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे रास्ते और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया था।
बैरिकेड्स पर चढ़े कांग्रेसी, पुलिस ने छोड़ी पानी की बौछारें
बीजेपी दफ्तर की ओर बढ़ रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने रास्ते में मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। हालांकि, आक्रोशित प्रदर्शनकारी पुलिस के घेरे को तोड़ते हुए बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को काबू में करने और भीड़ को पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल किया। इस दौरान बीजेपी मुख्यालय की तरफ बढ़ने की जिद पर अड़े कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। इस हंगामे के बीच पुलिस ने शाहपुरा से कांग्रेस विधायक मनीष यादव को हिरासत में ले लिया।
बीजेपी के खिलाफ जमकर हुई नारेबाजी और तीखे तंज
इस बड़े विरोध प्रदर्शन में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता और बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं। मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। प्रदर्शनकारियों ने हाथ में तख्तियां लेकर “नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में” जैसे गंभीर और तीखे नारे लगाए, जिससे दोनों दलों के बीच सियासी तपिश और ज्यादा बढ़ गई।
डोटासरा और गहलोत का सीधा हमला, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पूरे मामले में केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। डोटासरा ने सीधा हमला बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस कथित पेपर लीक का मुख्य सूत्रधार (किंगपिन) करार दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करके भ्रष्टाचार कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने याद दिलाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बहुत पहले ही इस धांधली को लेकर आगाह किया था, लेकिन सरकार ने इस पर चर्चा करना भी जरूरी नहीं समझा। कांग्रेस ने मांग की है कि एनटीए (NTA) को तुरंत भंग किया जाए और शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा दें।
पूरे राज्य में फैला आक्रोश और टकराव की आशंका पर प्रशासन अलर्ट
जयपुर में हुए इस बड़े हंगामे से पहले बुधवार को भी कांग्रेस ने पूरे राजस्थान के अलग-अलग जिलों में धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के पुतले फूंके थे। दूसरी तरफ, कांग्रेस के इन आरोपों और प्रदर्शन के जवाब में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पैदल मार्च निकाला। दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के सड़कों पर आमने-सामने आने की खबर से जयपुर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद नजर आया, ताकि शहर में किसी भी तरह के हिंसक टकराव की स्थिति को पैदा होने से रोका जा सके।
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